"Aslam Rahman की आवाज़ में बचपन की कहानियाँ"





 जब ज़िंदगी धीमी थी, और मोहल्ले की गलियों में बच्चों की आवाज़ गूंजा करती थी — वो दौर था 80s और 90s का। आज भी जब वो पल याद आते हैं, तो दिल मुस्कुरा उठता है। मैं हूँ Aslam Rahman, और मैं फेसबुक पर लोगों को उन पुरानी यादों से जोड़ता हूँ जो वक़्त के साथ धुंधली होती जा रही हैं।


मेरे फेसबुक पेज पर 4 लाख से ज़्यादा लोग जुड़े हैं, जो हर रोज़ मुझसे अपने बचपन, टीवी शोज़, त्योहारों और मोहल्ले की कहानियों को फिर से जीते हैं। मैं कोई बड़ा चेहरा नहीं, पर मेरी आवाज़ और मेरी कहानियाँ लोगों के दिल तक पहुँचती हैं।


मैं बिना कैमरे के — सिर्फ़ आवाज़ और Visuals के साथ ऐसी वीडियो बनाता हूँ जो आपके बचपन की खिड़की खोल देती हैं। मेरी कोशिश है कि हम उस सादगी और अपनापन को फिर से महसूस करें, जो कहीं पीछे छूट गया है।


अगर आपने कभी बिनाका गीतमाला, शक्तिमान, या चाचा चौधरी देखा है — तो मेरा कंटेंट आपके लिए है।


**मैं सिर्फ़ वीडियो नहीं बनाता, मैं आपकी यादों को जिंदा रखता हूँ।**

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